
पूर्वी सिंहभूम / पश्चिमी सिंहभूम, 01 जनवरी। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में गुरुवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर दोनों जिलों में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
पूर्वी सिंहभूम में समाहरणालय परिसर से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) उत्कर्ष कुमार ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को रवाना करते हुए पूरे जनवरी माह तक चलने वाले अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक दोनों जिलों में संचालित किया जाएगा।
पूर्वी सिंहभूम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकारी प्रयास तभी सफल होंगे, जब आम लोग स्वयं जिम्मेदारी के साथ नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिलेभर में रैली, नुक्कड़ नाटक, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता, सघन वाहन जांच सहित कई जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि विशेष रूप से स्कूलों और पंचायत स्तर पर बच्चों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति समझ विकसित हो सके। जागरूकता रथ के माध्यम से ऑडियो संदेशों के जरिए हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, दुपहिया वाहन पर दोनों सवारों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता, नशे की हालत में वाहन न चलाने, गति सीमा के पालन और ओवरटेक से बचने जैसे संदेशों का प्रचार किया जाएगा।

पश्चिमी सिंहभूम में डीडीसी उत्कर्ष कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। जनवरी माह के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय और जागरूक नागरिकों को ‘सुरक्षा दूत’ के रूप में चिन्हित कर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति मानवीय संवेदना रखते हुए हर संभव सहयोग करने की अपील की।
इस मौके पर पश्चिमी सिंहभूम के जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 की थीम “सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन” निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि सड़क हादसों को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
दोनों जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान निदेशक एनईपी, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटर वाहन निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी और निरंतर अभियान चलाने का संकल्प लिया।






