72 से अधिक लोगों की हुई प्राकृतिक चिकित्सा
कोलकाता, 28 दिसंबर। समाज में स्वास्थ्य, संतुलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से समर्पण ट्रस्ट की ओर से साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय “प्राकृतिक चिकित्सकीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर” रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
यह शिविर जनहित की भावना से प्रेरित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के रूप में सामने आया, जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से नागरिकों को तन, मन और आत्मा के संतुलन हेतु मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया गया। शिविर में जीवनशैली जनित रोगों से बचाव तथा प्राकृतिक उपचार पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया।
शिविर का विधिवत उद्घाटन आयुर्वेदाचार्य, नाड़ी विशेषज्ञ एवं कायचिकित्सा विशेषज्ञ तथा पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल के मानद चिकित्सक डॉ. पीयूष द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर अरुण भुवालका प्रधान अतिथि, महावीर बंका मुख्य अतिथि, जबकि सुरेंद्र कुमार अग्रवाल एवं अक्षय बींजराजका विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
शिविर में कोनिजेती रोसैया गवर्नमेंट नेचर क्योर हॉस्पिटल, हैदराबाद के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण पल्ले अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ शामिल हुए। उनके मार्गदर्शन में दो दिनों के दौरान पूर्ति समूह के निदेशकद्वय किशोर पंसारी सपत्नीक, महेश पंसारी सपत्नीक, हंसराज बामलवा सपत्नीक, कम्फर्ट लेडी के मनोज गुप्ता सपत्नीक, व्यवसायी आशु सिंह, श्याम लाल अग्रवाल सहित कुल 72 नागरिकों का प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श किया गया।
इस अवसर पर डॉ. लक्ष्मण पल्ले ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में यदि व्यक्ति प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाए, तो अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर और आहार संयम को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताया।
शिविर के दौरान समर्पण ट्रस्ट के सभापति दिनेश बजाज ने डॉ. पल्ले एवं उनकी टीम को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकरलाल अग्रवाल ने कहा कि एलोपैथी से निराश रोगी तेजी से प्राकृतिक चिकित्सा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ जीवन और निरोगी काया के लिए प्रकृति की शरण में जाना ही सबसे श्रेष्ठ मार्ग है। उपाध्यक्ष अभिषेक शरद ने इस शिविर को ट्रस्ट की जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण बताया।
महासचिव प्रदीप ढेडिया ने आगामी समर्पण सम्मान समारोह–2026 की जानकारी देते हुए कहा कि डॉ. लक्ष्मण पल्ले की लोकप्रियता और कोलकाता में उनकी बढ़ती मांग को देखते हुए भविष्य में उनके नेतृत्व में पुनः ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।
शिविर के उद्घाटनकर्ता डॉ. पीयूष द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि “एक्यूपंचर को आयुर्वेद में मर्म चिकित्सा कहा जाता है। संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली के लिए आयुर्वेद और नेचुरोपैथी आज के समय की आवश्यकता है।”
विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र अग्रवाल ने डॉ. पल्ले के सेवा, समर्पण और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
ट्रस्ट की ओर से पंकज भालोटिया ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए इस शिविर को “प्रकृति की ओर लौटने का समयोचित और सकारात्मक प्रयास” बताया।
प्रीति ढेडिया ने समर्पण ट्रस्ट की विविध सामाजिक एवं स्वास्थ्य गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयप्रकाश मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संजय जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। शिविर का समस्त प्रबंधन आनंद इवेंट्स द्वारा किया गया।
इस शिविर को सफल बनाने में सोमनाथ अडुकिया, अभ्युदय दुगड़, महेश भुवालका, अशोक ढेडिया, गणेश अग्रवाल, मनीष बजाज, आनंद अमन ढेडिया, पवन खेतान, अभिषेक गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
