कोलकाता, 11 नवम्बर पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम-1 ब्लॉक के शमसाबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र के बूथ संख्या 203 की बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) संजीता प्रमाणिक पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची से संबंधित एन्यूमिरेशन फॉर्म भसुर (पति के बड़े भाई) के माध्यम से वितरित करवाए। इस शिकायत के बाद ब्लॉक प्रशासन ने उन्हें तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
ब्लॉक प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, सांचिता प्रमाणिक ने अपनी ओर से लिखित जवाब जमा कर दिया है, हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद उनसे जवाब-तलब किया गया था। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन कॉल काट दिया। नंदीग्राम-1 के बीडीओ नाजीरुद्दीन सरकार ने कहा कि बीएलओ के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है। उन्हें लिखित जवाब देने के लिए कहा गया है। पूरा मामला प्रशासन की नजर में है।
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में पर्याप्त सरकारी कर्मचारी उपलब्ध न होने के कारण आंगनवाड़ी कर्मी संजीता को बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि संजीता प्रमाणिक की जगह उनके भसुर समर प्रमाणिक फॉर्म वितरण का कार्य कर रहे हैं। समर प्रमाणिक शमसाबाद ग्राम पंचायत के तृणमूल कांग्रेस के पूर्व उप-प्रधान रह चुके हैं।
हाल ही में नंदीग्राम से एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें समर प्रमाणिक और पंचायत प्रमुख अब्दुल मन्नान को रात में फॉर्म बांटते हुए देखा गया। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है। भाजपा ने इस संदर्भ में नंदीग्राम-1 बीडीओ को औपचारिक शिकायत दी है।
शिकायत के बाद ब्लॉक प्रशासन ने संजीता प्रमाणिक, उनके सुपरवाइज़र और समर प्रमाणिक को तलब किया। समर प्रमाणिक ने सफाई देते हुए कहा कि संजीता बीमार हैं, इसलिए मैं उनकी ओर से फॉर्म वितरण कर रहा हूं। मैं उनके साथ बीएलओ का प्रशिक्षण भी ले चुका हूं। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मेरा फोन नंबर दर्ज है।
वायरल वीडियो पर समर ने कहा कि वीडियो में जो दिख रहा है, वह सही समय का ही दृश्य है जब मैं उस क्षेत्र में फॉर्म बांट रहा था। उस दौरान पंचायत प्रमुख भी वहीं आ गए थे।
प्रशासन ने बताया कि जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
