उदयपुर, 7 नवम्बर। आर्य जगत् के भामाशाह, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान एवं श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास के संरक्षक सुरेश चन्द्र आर्य के निधन पर श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास, नवलखा महल, उदयपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास के अध्यक्ष अशोक आर्य ने बताया कि सुरेश चन्द्र आर्य एक उद्योगपति थे तथा उनकी आर्य समाज के प्रति गहरी आस्था थी। वे आर्य समाज के सर्वाेच्च संस्था सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान थे। उनके नेतृत्व में आर्य समाज को नई दशा व दिशा मिली। उन्होंने आर्य समाज के विभिन्न स्थलों पर अपनी दान सरिता प्रवाहित की तथा आर्य समाज को कुशल नेतृत्व दिया जिसके फलस्वरूप आर्य समाज आज विश्वभर में अपनी ख्याति स्थापित कर सका है। साथ ही वे श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास (नवलखा महल) की स्थापना से ही यहां से जुड़े रहे तथा यहां के विकास व यहां के प्रकल्पों को गति देने के लिए उन्होंने तन-मन-धन से सहयोग किया। नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र के प्रकल्प सुरेश चन्द्र दीनदयाल गुप्त मिनी थियेटर का प्रकल्प आपके ही सौजन्य से तैयार हुआ जहां देश विदेश से आने वाले पर्यटक थियेटर में शिक्षा व संस्कारप्रद लघु फिल्म को देखकर प्रेरणा प्राप्त करते हैं। सुरेश चन्द्र ने यहां के कामकाज को सुगम बनाने के लिए वाहन भी भेंट किया। इसी प्रकार वे प्रतिवर्ष यहां के प्रकल्पों को गति देने के लिए दिल खोलकर दान करते थे। आपके चले जाने से न केवल श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास बल्कि संपूर्ण आर्य जगत् को गहरी क्षति हुई है। ऐसे महामना व्यक्तित्व व कृतित्व का आर्य समाज हमेशा ऋणी रहेगा।
इससे पूर्व, सुरेश चन्द्र आर्य की स्मृति में तथा उनकी आत्मा को प्रभु की गोद में स्थान प्राप्त हो इसके निमित्त एक यज्ञशाला में हवन का आयोजन इन्द्रप्रकाश यादव एवं नवनीत आर्य के पौरोहित्य में आयोजित किया गया।
सुरेश चन्द्र दीनदयाल गुप्त मल्टीमीडिया सेन्टर में सुरेश चन्द्र आर्य के व्यक्तित्व व कृतित्व पर एक लघु फिल्म सभा में उपस्थित आर्यजनों को दिखाई गई। इस अवसर पर न्यास मंत्री भवानी दास आर्य, न्यास के संयुक्त मंत्री डॉ. अमृतलाल तापड़िया, आर्य समाज हिरणमगरी के प्रधान भंवर लाल आर्य, श्रीमती सरला गुप्ता, श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास के कोषाध्यक्ष नारायण लाल मित्तल, न्यासी शारदा गुप्ता, कार्यालय मंत्री भंवर लाल गर्ग, पुरोहित नवनीत आर्य, संजय शांडिल्य, जनसम्पर्क सचिव विनोद कुमार राठौड़ आदि ने भी सुरेश चन्द्र के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर न्यास के लेखाकार दिव्येश सुथार, दुर्गा गोरमात, सिद्धम, लक्ष्मण, देवीलाल, कालू, निरमा, रवीन्द्र राठौड़, कैप्टन सोहनलाल, मनोरमा गुप्ता एवं उदयपुर शहर के आर्य समाज से जुड़े कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे। श्रद्धांजलि सभा का संयोजन न्यास के संयुक्त मंत्री डॉ. अमृतलाल तापड़िया ने किया। ‘ओ3म्’ शांतिपाठ के साथ सभा का समापन हुआ।
समारोह के पश्चात् बंकिम चन्द्र चटर्जी रचित राष्ट्र गीत ‘वन्देमातरम्’ को 150 वर्ष पूर्ण होने पर उपस्थित आर्यजनों ने वन्देमातरम् का गायन किया।
