पूर्वी सिंहभूम, 29 अक्टूबर। विधायक सरयू राय ने कहा कि “थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाना राज्य स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है।
केवल सिविल सर्जन का निलंबन इस अमानवीय घटना की जवाबदेही तय करने के लिए पर्याप्त नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस घटना के लिए स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं।
राय ने खुलासा किया कि झारखंड में अब तक राष्ट्रीय रक्त नीति को सही ढंग से लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने याद दिलाया कि “11 मार्च 2022 को विधानसभा में पूछे गए मेरे प्रश्न के जवाब में सरकार ने खुद स्वीकार किया था कि राज्य में रक्त संग्रह की प्राथमिक शर्तों का भी पालन नहीं हो रहा है, लेकिन दो साल बाद भी स्थिति जस की तस है।”
उन्होंने बताया कि राज्य के 24 जिलों के सदर अस्पतालों में से सिर्फ रांची सदर अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट कार्यरत है, जबकि रिम्स और एमजीएम (जमशेदपुर) में ही यह सुविधा उपलब्ध है। बाकी 23 जिलों में यह यूनिट आज तक स्थापित नहीं की गई है। “इसके कारण संग्रहित रक्त से प्लेटलेट्स, आरबीसी और प्लाज्मा को अलग नहीं किया जा सकता, जिससे मरीजों के लिए गंभीर खतरा बना रहता है ।”
