
पलामू, 29 अगस्त । पलामू पुलिस के खिलाफ शुक्रवार को जमकर प्रदर्शन किया गया। कचहरी मेन गेट को जाम रखा गया। प्रदर्शन में भाकपा माले, जनसंग्राम मोर्चा, सामाजिक न्याय परिषद, झारखंड क्रांति मंच, ग्राम विकास शांति समिति रबदा के कार्यकर्ता हाथों तख्तियां एवं लाल झंडे लिए शामिल थे। कचहरी में जनसभा की गयी।
इससे पहले भगत सिहं चौक से रैली निकाली गयी, जो अम्बेडकर पार्क होते हुए कचहरी चौक पहुंची। इस क्रम में पुलिसिया दमन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। भीड़ में शामिल लोग पुलिसिया राज मुर्दाबाद, सामंती पुलिस होश में आओ आदि नारे लगाए। कचहरी पहुंचने के बाद रैली एक जनसभा में बदल गई।
सभा को लातेहार जिला भाकपा माले सचिव बिरजू राम, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा मेहता, अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष बी.एन. सिंह, भाकपा माले पलामू जिला सचिव रविंद्र भुइयां, आइसा जिला अध्यक्ष गुड्डू भुइयां, आरवाईए नेता दिव्या भगत, रसोइया राज्य अध्यक्ष अनीता देवी, जन संग्राम मोर्चा केंद्रीय अध्यक्ष जुगल पाल, जन क्रांति मंच केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुध्न शत्रु, बसपा पलामू प्रभारी विनोद सोनी, ईश्वरी महतो, बीरेंद्र राम, रामप्रसाद बौद्ध तथा सामाजिक न्याय परिषद के अध्यक्ष रवि पाल ने जनता को संबोधित किया।
नेताओं ने कहा कि पुलिस अब सामंत और जमींदार की तरह व्यवहार कर रही है। वकीलों, छात्र नेताओं और महिलाओं को थाने के अंदर पीटना, दलित-गरीबों पर बर्बर हमला करना, बालू माफियाओं को पैदा करना, यह सब पलामू पुलिस का असली चेहरा है।
सभा से ऐलान हुआ कि पलामू की जनता अब नई जमींदारी और पुलिसिया राज को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान ने हर नागरिक को सम्मान और बराबरी का अधिकार दिया है। पुलिस अगर इसे कुचलने की कोशिश करेगी, तो जनता सड़कों पर उतरेगी और उसके सामंती राज को उखाड़ फेंकेगी।