
गुवाहाटी, 29 अगस्त । केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि दशकों तक अशांति झेलने के बावजूद आज पूर्वोत्तर क्षेत्र शांति, प्रगति और सर्वसमावेशी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक नायकों महाराजा पृथु, लाचित बरफूकन और चिलाराय के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदैव भारत की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ और विविध सांस्कृतिक धरोहर का पालना रहा है।
गृहमंत्री ने शुक्रवार काे गुवाहाटी स्थित राजभवन के ‘ब्रह्मपुत्र विंग’ का उद्घाटन किया और वर्चुअल माध्यम से 322 करोड़ की आठ परियोजनाओं का शुभारंभ एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम आंदोलन का सपना साकार हुआ है। बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर ने अवसंरचना, सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण योजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला (एनसीएफएल) का भी उद्घाटन किया। दिल्ली के बाद देश की दूसरी यह प्रयोगशाला गुवाहाटी के लाचित बरफूकन पुलिस अकादमी में स्थापित की गई है। शाह ने कहा कि यह सुविधा आठों पूर्वोत्तर राज्यों को साइबर अपराध, ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी और घुसपैठ जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।
‘ब्रह्मपुत्र विंग’ के बारे में गृहमंत्री ने बताया कि इसे 40 करोड़ से अधिक की लागत से 3,300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया गया है। यह न केवल संवैधानिक कार्यों को सुगम बनाएगा बल्कि विद्यार्थियों, कलाकारों और शोधकर्ताओं से संवाद का मंच भी बनेगा और राज्यपाल को जनता की भावनाएं सरकार तक पहुंचाने में सहायक होगा।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माताजी के लिए विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता द्वारा अपशब्दों के प्रयोग की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का सबसे निम्न स्तर है और ऐसी नकारात्मक नफरत की राजनीति को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। शाह ने विपक्षी नेता से प्रधानमंत्री, उनकी दिवंगत माताजी और देश की जनता से माफी मांगने की अपील की।
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