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नई दिल्ली, 28 फरवरी । दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक शुरू होने से पहले विदेशमंत्री डॉ. एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ के नेताओं का स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीयमंत्री पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे।
बैठक में हिस्सा लेने पहुंचीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, ”यह वास्तव में सौभाग्य और गर्व की बात है कि मैंने कल महात्मा गांधी के सम्मान में पुष्पांजलि अर्पित कर यह यात्रा शुरू की। किसी भी आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों से ऊपर और परे मेरा मानना है कि यह एक ऐसी संस्कृति है जो भारत और यूरोप के लोगों को एक साथ बांधती है। हमारे पास खेल, कला और साहित्य के लिए एक साझा प्रेम है।”
उन्होंने कहा, ” हमारे छात्र और शिक्षाविद साथ काम करते हैं और अपने ज्ञान को गहरा करते हैं। हमारी कंपनियां दुनिया भर में लगभग बेजोड़ आकार के पैमाने पर एक साथ व्यापार करती हैं। यह सब हमें स्वाभाविक और दीर्घकालिक साझेदार बनाता है । हम रणनीतिक साझेदारी के अपने तीसरे दशक की शुरुआत कर रहे हैं। लेकिन, मेरा मानना है कि आगे जो होने वाला है वह पहले से कहीं अधिक बड़ा है।”
विदेशमंत्री जयशंकर ने एक्स पर कहा, ” अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ दूसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में हिस्सा ले रहा हूं। बैठक में डिजिटल साझेदारी, स्वच्छ और हरित ऊर्जा पहल और व्यापार, निवेश और लचीली आपूर्ति शृंखलाओं में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर चर्चा होगी। विश्वास है कि आज की चर्चा नए आर्थिक, व्यापार और तकनीकी संबंधों में तब्दील होगी।