हुगली, 27 अक्टूबर । जिले के गोघाट में तृणमूल कांग्रेस संचालित बदनगंज-फुलुई नंबर-2 ग्राम पंचायत में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को पंचायत के शेष 14 सदस्यों ने गोघाट-2 ब्लॉक के बीडीओ कार्यालय में पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इससे पंचायत के भविष्य और प्रशासनिक कामकाज को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बदनगंज-फुलुई नंबर 2 ग्राम पंचायत में कुल 15 सदस्य हैं और सभी सीटों पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा था। कुछ दिन पहले पंचायत प्रधान हसमत अली खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मंगलवार को बाकी 14 सदस्यों ने भी इस्तीफा सौंप दिया।
इस्तीफा देने वाले कुछ सदस्यों ने शारीरिक अस्वस्थता का हवाला दिया। सदस्यों का दावा है कि प्रधान के इस्तीफे के बाद पंचायत का कामकाज लगभग ठप हो गया था, जिससे आम लोगों को जरूरी सेवाएं मिलने में परेशानी हो रही थी। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा स्टेट काउंसिल के सदस्य चिन्मय मल्लिक ने दावा किया कि तृणमूल के जनप्रतिनिधि अपने कथित गलत कार्यों के कारण इलाके में निकलने और पंचायत कार्यालय जाने में असमर्थ हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस इस्तीफे की घटना में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है और सदस्यों ने लोकतांत्रिक तरीके से स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है।
एक साथ 14 सदस्यों के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि बदनगंज-फुलुई नंबर-2 ग्राम पंचायत का प्रशासनिक कामकाज आगे कैसे संचालित होगा।
