रांची, 21 अक्टूबर। रांची के डोरंडा स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस-1 (जैप-1) परिसर में बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान इस साल देशभर के विभिन्न राज्यों की पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 154 शहीद अधिकारियों एवं जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इनमें झारखंड के तीन जवान भी शामिल हैं, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई।
एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच कर्तव्य के दौरान शहीद हुए झारखंड के तीन पुलिसकर्मियों में पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत, आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतोष कुमार मेहता शामिल हैं। हेमंत भगत दुमका जिले में तैनात थे, जबकि सुनील राम और संतोष कुमार मेहता पलामू जिले से जुड़े थे।
चार सितंबर 2025 को पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस और टीएसपीसी नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतोष कुमार मेहता शहीद हो गए थे। दोनों जवानों ने अभियान के दौरान कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
वहीं, 31 दिसंबर 2025 को दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान बाधित सड़क को खाली कराने के क्रम में पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत शहीद हो गए थे। कर्तव्य के दौरान उनका बलिदान पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और सेवा भावना को दर्शाता है।
पुलिस संस्मरण दिवस पर इन सभी वीर जवानों को याद करते हुए उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। समारोह में झारखंड के डीजीपी सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर वीर जवानों के बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर शहीदों के परिवारों के साथ खड़े रहने और हर संभव सहयोग देने का संकल्प भी दोहराया गया।
झारखंड जगुआर मुख्यालय में भी मना पुलिस संस्मरण दिवस
वहीं झारखंड जगुआर (एसटीएफ) के टेंडरग्राम स्थित मुख्यालय में भी बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस मनाया गया। इस दौरान आईजी अनूप बिरथरे और डीआईजी इन्द्रजीत महथा ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
समारोह में शहीद पुलिसकर्मियों के नामों का पाठ किया गया। जवानों ने शस्त्र झुकाकर सम्मान दिया और दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के बलिदान को नमन किया। आईजी ने कहा कि देश और राज्य की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों का सर्वोच्च बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
