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पूर्वी सिंहभूम, 20 अक्टूबर ।

विजयादशमी के पावन अवसर पर बुधवार, 21 अक्टूबर को साकची स्थित रामलीला मैदान में रावण दहन का आयोजन किया जाएगा।

इसको लेकर श्री श्री रामलीला उत्सव समिति की ओर से तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।

श्री श्री रामलीला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि रावण दहन के अवसर पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और रावण की झांकियों के साथ जुलूस निकाला जाएगा।

जुलूस शाम 5:30 बजे काशीडीह लाइन नंबर 10 स्थित उनके निवास स्थान से प्रारंभ होकर साकची रामलीला मैदान पहुंचेगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे रामलीला मैदान में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

उन्होंने शहरवासियों से इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है। समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों को सादर आमंत्रित किया गया है।

रावण दहन भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण का वध कर माता सीता को उसके बंधन से मुक्त कराया था। यह प्रसंग धर्म की अधर्म पर, सत्य की असत्य पर और न्याय की अन्याय पर विजय का प्रतीक माना जाता है। रावण का पुतला जलाकर समाज को यह संदेश दिया जाता है कि अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य बुराइयों का अंत निश्चित है।

रावण विद्वान और शक्तिशाली होने के बावजूद अपने अहंकार और गलत निर्णयों के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। इसलिए रावण दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्ममंथन और अपनी बुराइयों को त्यागने का अवसर भी है।

जमशेदपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में सद्भाव, सत्य तथा नैतिकता को मजबूत करने का संदेश मिलेगा।