उत्तरकाशी, 19 अक्टूबर । विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट आगामी 10 नवम्बर को अन्नकूट पर्व पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ 12:05 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जायेंगे। इसके बाद अगले छह माह तक श्रद्धालु मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव में ही दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। दूसरी ओर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का मूहूर्त आज विजय दशमी पर निकाला जायेगा।
शारदीय नवरात्र के नवमी पर्व पर सोमवार को गंगोत्री मंदिर समिति ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद होने की तिथि और शुभ मुहूर्त निर्धारित किया। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मंगलवार 10 नवंबर को अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:05 बजे गंगोत्री धाम के कपाट देश विदेश के श्रद्धालुओं के दर्शनाथ बंद कर दिए जाएंगे।
इसके बाद मां गंगा की उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव के लिए रवाना होगी। डोली अगले दिन 11 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर मुखबा गांव पहुंचेगी। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद शीतकाल में श्रद्धालु मुखबा स्थित मां गंगा के मंदिर में ही दर्शन व पूजा कर सकेंगे। दूसरी ओर यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथि और शुभ मुहूर्त विजयदशमी पर्व पर निर्धारित किया जाएगा।
यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित सुनील उनियाल ने बताया कि विजयदशमी के अवसर पर खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में पुरोहित समाज की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ कपाट बंद होने का शुभ लग्न निकाला जाएगा। वहीं दोनो धामों के कापाट बंद होने के साथ ही यात्रा सीजन की धार्मिक गतिविधियों का समापन हो जाएगा और धाम में शीतकालीन व्यवस्थाएं प्रभावी हो जाएंगी।
इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, अरूण सेमवाल, सुशील सेमवाल, अभिषेक सेमवाल, चंडी प्रसाद, जय किशन, प्रेम प्रकाश, राजेश सेमवाल, संतोष सेमवाल आदि तीर्थ पुरोहित एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
