मेदिनीपुर, 17 अक्टूबर । पश्चिम मेदिनीपुर जिले में दुर्गापूजा के अवसर पर इस बार विभिन्न पूजा समितियों ने आकर्षक मंडप तैयार किए हैं। कहीं अयोध्या के राम मंदिर और मायापुर के इस्कॉन मंदिर की झलक मिलेगी तो कहीं दक्षिण भारतीय मंदिर, राजमहल, प्राचीन सभ्यता और वृंदावन की संस्कृति देखने को मिलेगी। पूजा पंडालों में सामाजिक सद्भाव, नारी शक्ति, देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेश भी दिए जाएंगे।
दांतन में सोनाकनिया सांस्कृतिक सेवा समिति की पूजा 74वें वर्ष में है। यहां ग्रामीण बंगाल की संस्कृति पर आधारित मंडप बनाया गया है। आदिवासी ऑर्केस्ट्रा और ओडिशी जात्रा का आयोजन भी होगा। मनोहरपुर राजबाड़ी में ध्यानमग्न देवी की पूजा महालया से शुरू हो जाती है। खंडरुई राजबाड़ी की प्राचीन पूजा अब ट्रस्ट के माध्यम से फिर धूमधाम से आयोजित की जा रही है।
नारायणगढ़ के बाखराबाद जाग्रत नवीन-प्रवीन दुर्गापूजा समिति की पूजा 63वें वर्ष में है। यहां दक्षिण भारतीय मंदिर की तर्ज पर मंडप और डाक की सजावट वाली प्रतिमा आकर्षण होगी। एकादशी को रावण दहन भी किया जाएगा। बेलदा नवीन-प्रवीन क्लब की पूजा 51वें वर्ष में है। यहां दक्षिण भारतीय बौद्ध मंदिर और अजंता शैली से प्रेरित प्रतिमा देखने को मिलेगी।
केशियाड़ी थाना सार्वजनिक दुर्गापूजा 50वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मंडप मायापुर के इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। केशियाड़ी डायमंड क्लब की पूजा की थीम ‘जननी’ है। डेबरा के आलोकवर्ष क्लब में बौद्ध मंदिर की तर्ज पर मंडप बनाया गया है। बालिचक स्कूल बाजार सार्वजनिक पूजा 99वें वर्ष में है, जबकि गेट बाजार सार्वजनिक पूजा की 40वीं वर्षगांठ पर अनाथ बच्चों को नए कपड़े दिए जाएंगे। यहां नरनारायण सेवा भी होगी।
पिंगला के जलचक गोकुलचक नटेश्वरी बाजार सार्वजनिक दुर्गोत्सव की पूजा 68वें वर्ष में है। इसकी थीम अयोध्या का राम मंदिर है। सबंग के तेमाथानी पल्लीश्री क्लब का मंडप बिहार के प्रेम मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। हरिरहाट अनाथपल्ली सार्वजनिक पूजा की थीम ‘मृत्तिका की माया’ है।
खड़गपुर में तालबागीचा नेताजी व्यायामागार की पूजा 57वें वर्ष में है। इसकी थीम ‘कैलाश का आह्वान’ है। यहां वस्त्र वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नरनारायण सेवा होगी। प्रेमबाजार सार्वजनिक पूजा की थीम रोम का कोलोसियम है। तालबागीचा सबुज संघ का मंडप ‘वृंदावन के निधिवन’ पर आधारित है। साउथ डेवलपमेंट दुर्गापूजा समिति की थीम ‘आत्मशुद्धि’ है।
गढ़बेता में धादिका युवा गोष्ठी की पूजा की थीम ‘अश्वमेध का घोड़ा’ है। गढ़बेता सार्वजनिक पूजा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर आधारित मंडप बनाया गया है। आमलागोड़ा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार आधुनिक महल की झलक मिलेगी। पहली बार आयोजित हो रहे महिला संचालित दुर्गोत्सव की थीम ‘नारी शक्ति’ है। यहां बाल विवाह और नाबालिग मातृत्व रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गोआलतोड़ न्यू बॉयज एथलेटिक क्लब का मंडप ‘बाहुबली के राजमहल’ पर आधारित है, जबकि शांतिनगर सार्वजनिक पूजा की थीम ‘सद्भाव’ है।
शालबनी बाजार सार्वजनिक पूजा में पारंपरिक प्रतिमा स्थापित होगी। पीड़ाकाटा बाजार सार्वजनिक पूजा की थीम ‘परिवार में पिता की भूमिका’ है। केशपुर के महिषदा सार्वजनिक पूजा में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर मंडप बनाया गया है।
मेदिनीपुर शहर में रंगामाटी सार्वजनिक पूजा की थीम ‘सद्भाव’ है। रवींद्रनगर सार्वजनिक पूजा में सनातनी विचारधारा के अनुरूप मंडप सजाया जाएगा। छोटाबाजार सार्वजनिक पूजा की थीम ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ और विधाननगर सार्वजनिक पूजा की थीम ‘वृंदावन का प्रेम मंदिर’ है।
चंद्रकोणा में क्षीरपाई डाकबंगला सार्वजनिक पूजा की थीम ‘अनंत की खोज’ है। गोपसाई लालसागर सार्वजनिक पूजा में चाय बागान और दार्जिलिंग की झलक दिखाई जाएगी। धरमपुर सबुज संघ की थीम ‘चेहरा नहीं, मुखौटा’ और काशीगंज सार्वजनिक पूजा की थीम ‘केदारनाथ’ है।
घाटाल में पंचपल्ली सार्वजनिक पूजा का मंडप राजस्थान के महल की तर्ज पर बनाया गया है। इसकी थीम ‘आलोकधारा’ है और रात में लेजर शो होगा। श्रीपुर मनसातला की थीम ‘कैलाश में पिता महादेव’ है। सात नंबर पल्ली का मंडप आदिम युग की सभ्यता और शारदापल्ली का मंडप ‘आदियोगी’ पर आधारित है।
दासपुर में चांईपाट स्कूलपाड़ा सार्वजनिक पूजा की थीम ‘भूस्वर्ग का स्वर्णमहल’ है। चांईपाट बेलडांगा में दक्षिण भारतीय मंदिर की तर्ज पर मंडप बनाया गया है। सोनाखाली बाजारपाड़ा की थीम ‘त्रिशक्ति’, पांचबेरिया सनराइज क्लब की थीम मोहनजोदड़ो सभ्यता और बेलेघाटा सार्वजनिक पूजा की थीम ‘ऐश्वर्य का आंगन’ है। जिले के इन पंडालों में धार्मिक आस्था के साथ कला, संस्कृति और सामाजिक संदेशों की झलक देखने को मिलेगी।
