कोलकाता, 16 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार राज्य में स्थित सभी ‘शत्रु संपत्तियों’ का कस्टोडियन (संरक्षक) पश्चिम बंगाल सरकार को बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह बात मुर्शिदाबाद जिले के लालबाग में एक दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों से उत्पन्न होने वाले राजस्व का उपयोग स्थानीय विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए करना है।
शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
शत्रु संपत्ति का अर्थ उन चल और अचल संपत्तियों से है, जिन्हें वे लोग भारत में छोड़ गए थे जो बाद में उन देशों में पलायन कर गए और वहां की नागरिकता ले ली, जिन्हें भारत का शत्रु देश माना जाता है। इन संपत्तियों में मुख्य रूप से भूमि, भवन, कंपनियों के शेयर और बैंकों में जमा सोना आदि शामिल हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शत्रु संपत्तियों की संख्या के लिहाज से पश्चिम बंगाल पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में लगभग चार हजार संपत्तियां मौजूद हैं, जो मुख्य रूप से मुर्शिदाबाद, मालदा, कोलकाता और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिलों में फैली हुई हैं।
