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कोलकाता, 02 सितंबर । कलकत्ता हाई कोर्ट ने दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या के बाद हुई हिंसा के मामले में माकपा नेता मोहम्मद लायक अली को अंतरिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने बुधवार को उन्हें 10 सितंबर तक सशर्त अंतरिम जमानत दी।

अदालत ने जमानत के दौरान अली के बारूईपुर स्थित अपने घर वाले इलाके से बाहर जाने पर रोक लगाई है। साथ ही उन्हें जांच में पुलिस के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।

अली ने अपनी बुजुर्ग मां की बिगड़ती तबीयत का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। बुधवार दोपहर संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली।

बारूईपुर में जुलाई में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद बड़े पैमाने पर तनाव फैल गया था। स्थानीय लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया था और घटना में शामिल होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बाद में पता चला कि वह युवक निर्दोष था।

पुलिस ने माकपा के दक्षिण 24 परगना जिला समिति के सदस्य अली पर लोगों को भड़काने और कानून अपने हाथ में लेने के लिए भीड़ को संगठित करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने उनके खिलाफ 26 मामले दर्ज किए थे। उन्हें 12 जुलाई की रात उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, माकपा नेतृत्व ने उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था।

बारूईपुर के सूर्यपुर इलाके में पांच जुलाई को नाबालिग लड़की का शव बरामद होने के बाद व्यापक हिंसा हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपितों में शामिल प्रवास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, उसने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की थी।