कोलकाता, 24 अगस्त। तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह को लेकर पार्टी के दोनों गुट आमने-सामने आ गए हैं। दोनों गुट 28 अगस्त को कोलकाता के मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं। अनुमति को लेकर मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच गया है।
सोमवार को कालीघाट खेमे की ओर से अधिवक्ता ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। अदालत ने जल्द सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी।
हर वर्ष तृणमूल कांग्रेस की ओर से मेयो रोड पर टीएमसीपी का स्थापना दिवस मनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच स्थिति अलग है। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी में विभाजन हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विजयी विधायकों के एक समूह ने अलग खेमे का गठन किया है और यही गुट खुद को ‘असल तृणमूल’ बता रहा है। विधानसभा में भी इस खेमे के पास बहुमत होने का दावा किया जा रहा है।
कालीघाट खेमे ने टीएमसीपी का स्थापना दिवस मेयो रोड पर मनाने की अनुमति के लिए 27 जुलाई को आवेदन किया था। अब इस मामले में जल्द सुनवाई के लिए हाई कोर्ट का रुख किया गया है। दूसरी ओर ऋतब्रत खेमे ने भी उसी दिन और उसी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई है। ऐसे में दोनों गुटों के आमने-सामने आने की स्थिति बन गई है।
इससे पहले 21 जुलाई को शहीद दिवस के आयोजन को लेकर भी दोनों गुटों के बीच इसी तरह का विवाद सामने आया था। सत्ता में रहते हुए तृणमूल कांग्रेस धर्मतला में शहीद दिवस का कार्यक्रम आयोजित करती थी। इस बार दोनों गुटों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी। हाई कोर्ट ने ऋतब्रत खेमे को मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम की अनुमति दी थी, जबकि ममता बनर्जी के खेमे को कैथेड्रल रोड पर कार्यक्रम करने की अनुमति मिली थी। अदालत ने दोनों कार्यक्रमों के लिए कई शर्तें भी तय की थीं। अब इस नए मामले की सुनवाई मंगलवार को होनी है।
