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कोलकाता, 19 अगस्त । तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस पर मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास सभा आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद तृणमूल के ऋतब्रत बनर्जी समर्थक गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। हालांकि, हाई कोर्ट ने बुधवार को मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिका दायर करने का निर्देश दिया।

इस बीच कालीघाट समर्थक गुट भी इसी मुद्दे पर पहले ही हाई कोर्ट पहुंच चुका है। टीएमसीपी की ओर से अधिवक्ता अर्ककुमार नाग ने सोमवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया था।

अदालत को बताया गया कि टीएमसीपी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए पुलिस से अनुमति मांगते हुए 27 जुलाई को पत्र दिया गया था। इसके बाद तीन और सात अगस्त को पुलिस से अनुमति के संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कालीघाट समर्थक टीएमसीपी को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

टीएमसीपी की स्थापना 1998 में हुई थी। इसके बाद से हर साल 28 अगस्त को संगठन का स्थापना दिवस मनाया जाता है। 1998 में संगठन के गठन के बाद से ही कोलकाता के मेयो रोड पर स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित पार्टी के शीर्ष नेता भी इन कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं।

हालांकि, इस बार राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के तीन अलग-अलग गुट बनने की बात सामने आई है। पार्टी के अधिकांश सांसद एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं, जबकि कुछ सांसद कालीघाट खेमे के साथ हैं।

इससे पहले 21 जुलाई को भी तृणमूल के भीतर अलग-अलग कार्यक्रम देखने को मिले थे। ऋतब्रत बनर्जी और मदन मित्रा के नेतृत्व वाले गुट ने मेयो रोड पर अलग से ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया था, जबकि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का कार्यक्रम तारामंडल के सामने हुआ था। एनसीपीआई के सांसदों ने भी दिल्ली में अलग से 21 जुलाई का कार्यक्रम आयोजित किया था।

अब टीएमसीपी के स्थापना दिवस पर भी तृणमूल के दोनों गुटों की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की जा रही है।