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कोलकाता, 10 अगस्त । कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को चंदननगर पुलिस आयुक्तालय को निर्देश दिया कि वह पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक असीत मजूमदार के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी उन्हें दे। अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि यदि मजूमदार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित है तो उसकी सूची एक सप्ताह के भीतर उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में मजूमदार के वकील कल्याण बनर्जी ने आशंका जताई कि 21 जुलाई को जमीन कब्जाने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलने के बावजूद पूर्व चुंचुड़ा विधायक को किसी अन्य मामले में आरोपित बनाया गया हो सकता है।

मजूमदार को 21 जुलाई को एक पड़ोसी की पुलिस शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में उन पर पड़ोसी की संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया था। उसी दिन हुगली जिले की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पहले अदालत के निर्देश पर दाखिल रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि मजूमदार के खिलाफ सीबीआई के पास कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।

गाैरतलब है कि, असीत मजूमदार काे तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए इस वर्ष विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था।