पश्चिमी सिंहभूम, 01 अगस्त । पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के चर्चित मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो मामलों की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय संतोष आनंद प्रसाद की अदालत ने रामलाल बिस्वा उर्फ रामलाल मुंडा को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मंझारी थाना कांड संख्या 20/2022 में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान पूरा कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मौखिक, दस्तावेजी तथा अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिन्हें न्यायालय ने स्वीकार करते हुए आरोपित को दोषी ठहराया।
अपने फैसले में अदालत ने कहा कि नाबालिग बच्ची के साथ किया गया अपराध अत्यंत जघन्य और अमानवीय प्रकृति का है। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में कानून का भय बना रहे। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना न्यायपालिका की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अदालत ने मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा अपनाई गई वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष अनुसंधान प्रक्रिया तथा साक्ष्य संकलन की भी सराहना की। न्यायालय ने माना कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जिसके बाद दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
