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अदालत ने कहा- जाली दस्तावेजों से न्यायालय को भी गुमराह करने की कोशिश; एनटीए को कानूनी कार्रवाई की छूट

कोलकाता, 31 जुलाई । कलकत्ता हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी-यूजी) के परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) उचित समझे तो ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ कानून के अनुसार अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने एनटीए की रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई याचिकाएं फर्जी और छेड़छाड़ किए गए ओएमआर शीट तथा स्कोरकार्ड के आधार पर दायर की गई थीं। अदालत को वास्तविक अंक छिपाकर गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

सुनवाई के दौरान एनटीए ने अदालत को बताया कि एक अभ्यर्थी ने तीन अलग-अलग परिणाम पत्र प्रस्तुत कर याचिका दायर की थी। एजेंसी के अनुसार, उसके द्वारा दाखिल सभी दस्तावेज फर्जी और विकृत थे। यहां तक कि उसने वर्ष 2025 का एक स्कोरकार्ड भी रिकॉर्ड में लगाया था। एनटीए ने अदालत को बताया कि संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे अगले तीन वर्षों तक परीक्षा में बैठने से प्रतिबंधित किया जाएगा।

एक अन्य अभ्यर्थी ने दावा किया था कि उसके परिणाम में 370 अंकों की गड़बड़ी की गई है। एनटीए ने जांच में इस दावे को भी निराधार और दस्तावेजों को फर्जी बताया। एजेंसी की रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित अभ्यर्थी ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।

मामले पर टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए न्यायालय को भी धोखा देने का प्रयास किया गया है। अदालत ने सभी संबंधित याचिकाएं खारिज करते हुए एनटीए को आरोपित अभ्यर्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुमति दे दी।

गौरतलब है कि एनईईटी-यूजी परीक्षा को लेकर पहले भी देशभर में विवाद और विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में परिणामों को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं अदालत में दायर की गई थीं। हालांकि, इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।