कोलकाता, 31 जुलाई। बीरभूम जिले में करोड़ों रुपये की नकदी और सोने की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार पत्थर कारोबारी टुलु मंडल के रिश्तेदार मिनार मंडल से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पता चला है कि मिनार के घर से मिला सोना दुबई से लाया गया था। साथ ही कहा गया कि अब तक करीब 50 करोड़ रुपये की नकदी और सोना बरामद हो चुका है, जो पूरे मामले का केवल “हिमशैल का ऊपरी हिस्सा” है।
पुलिस ने बताया कि जांच आगे बढ़ने पर कई और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी जांच की जाएगी कि बरामद सोना तस्करी के जरिए लाया गया था या नहीं। राज्य सरकार इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून लगाने की संभावना पर भी विचार कर रही है।
पुलिस का दावा है कि बरामद संपत्ति सरकारी राजस्व की चोरी और अवैध गतिविधियों के जरिए जुटाई गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या जमीनों पर जबरन कब्जा किया गया, लोगों को डराकर वसूली की गई और पत्थर तथा बालू खदानों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 409 (सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग) और धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि मिनार मंडल ने शुरुआती पूछताछ में जांच में सहयोग नहीं किया। उन्होंने अलमारी की चाबी देने से इनकार किया और पुलिस के दरवाजा खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खोला। इसी आधार पर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत बताई।
यह पूरा मामला एक डकैती के मुकदमे की जांच के दौरान सामने आया। पुलिस ने मंगलवार देर रात अर्जुन लोहार, शेख गियासुद्दीन, शेख फरजुद्दीन, पुलक साहा, शेख फिरोज अहमद, अभिनव भाटसा और रविकुमार गुप्ता सहित सात लोगों को डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत ने बुधवार को सभी आरोपितों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा। इसी जांच के सिलसिले में मंगलवार रात मोहम्मदबाजार के देउचा स्थित मिनार मंडल के घर पर छापा मारा गया, जो गुरुवार सुबह तक चला। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने के बाद मिनार को गिरफ्तार कर लिया गया।
मिनार के बेटे ने दावा किया कि उसे घर में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना होने की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने कहा कि तलाशी के दौरान मिनार ने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना टुलु मंडल के कथित आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
उधर गुरुवार को पुलिस ने सिउड़ी के सुभाषपल्ली स्थित टुलु मंडल के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से टुलु मंडल सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिया है। पुलिस अधिकारियों ने सुभाषपल्ली स्थित मकान के अलावा सोंतशाल स्थित एक अन्य घर और मोहम्मदबाजार के एक पार्किंग परिसर में भी तलाशी ली। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन स्थानों से टुलु मंडल की अन्य संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।
