
कोलकाता, 23 जुलाई । उत्तर 24 परगना के चर्चित सुतिया हत्याकांड एवं सामूहिक दुष्कर्म मामले के खिलाफ आवाज उठाने वाले शिक्षक वरुण विश्वास की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। शिक्षक के सहयोगी और पेशे से शिक्षक नंददुलाल दास ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी को इस हत्या का “षड्यंत्रकारी” बताते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक समेत कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।
नंददुलाल दास ने गत मंगलवार को बनगांव की पुलिस अधीक्षक कलिता दासगुप्ता को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में हुए वरुण विश्वास हत्याकांड की निष्पक्ष जांच तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ज्योतिप्रिय मल्लिक के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने मांग की कि उनकी शिकायत को एफआईआर के रूप में दर्ज कर मामले की नए सिरे से पूरी जांच कराई जाए।
नंददुलाल दास का दावा है कि वरुण विश्वास की हत्या के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें भी तृणमूल शासन के दौरान प्रताड़ित किया गया। उन्हें कई बार धमकियां दी गईं और कथित तौर पर माओवादी बताकर झूठे मुकदमों में फंसाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या की जिम्मेदारी वामपंथी दल पर डालकर असली साजिश को दबाने की कोशिश की गई।
शिकायत पत्र में नंददुलाल ने ममता बनर्जी और ज्योतिप्रिय मल्लिक को हत्या का मुख्य षड्यंत्रकारी बताया है। इसके अलावा तपन सिंह, प्रदीप घोष, विष्णु घोष, सुखेन बाला, ध्यानेश गुहा, मिहिर विश्वास और देवेन घोष सहित कई अन्य लोगों के नाम भी आरोपितों के रूप में दर्ज किए गए हैं। उनका दावा है कि इस साजिश में और भी कई लोग शामिल थे।
गौरतलब है कि पांच जुलाई 2012 को शिक्षक वरुण विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह सुतिया सामूहिक दुष्कर्म मामले के प्रमुख गवाहों में से एक थे। उनकी हत्या ने पूरे पश्चिम बंगाल को झकझोर दिया था।
हत्या के 14 वर्ष बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए वरुण विश्वास के परिजनों ने हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले में देवरंजन बनर्जी को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है। शुक्रवार को बनगांव महकमा अदालत में इस मामले में 37वें गवाह का बयान दर्ज किया गया।
परिजनों का आरोप है कि तृणमूल सरकार के दौरान मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और इतने वर्षों बाद भी हत्या के मास्टरमाइंड का खुलासा नहीं हो सका है। अब परिवार और स्थानीय लोग नए सिरे से निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं।


















