खूंटी, 15 जुलाई । विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), खूंटी की ओर से डाक बंगला रोड स्थित प्रशिक्षण केंद्र में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक युवाओं और प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। इस दौरान कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक शैलेश कुमार ने मुख्य अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में जेएसएस की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) की सदस्य सरिता गोस्वामी, संकल्प संस्थान के निदेशक राजेश कुमार महतो तथा एससीसी सेंटर की निदेशक ज्योति सांग मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

अपने संबोधन में प्रभारी निदेशक शैलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल युवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने का सशक्त माध्यम है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं तथा वे आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं। उन्होंने युवाओं से निरंतर सीखने और अपने कौशल को समय के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया।

अन्य अतिथियों ने भी युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा अपनाने, नई तकनीकों से जुड़ने और समाज व राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में केवल शैक्षणिक डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी सफलता की कुंजी है।

इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान की ओर से संचालित विभिन्न ट्रेडों के नौ बैचों के सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षुओं ने इसे अपने करियर की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन एपीओ कुमार शशि प्रकाश ने किया। आयोजन को सफल बनाने में लेखा अधिकारी निकुंज टोपनो, एमआईएस राजीव ठाकुर, मोबिलाइजर मरिया होरो एवं अरविंद राम, ऑफिस असिस्टेंट दसय नाग तथा प्रशिक्षक गीता कुमारी और ज्योति भेंगरा सहित संस्थान के सभी कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।