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आसनसोल, 15 जुलाई।

पश्चिम बर्दवान के आसनसोल स्थित ईसीएल के बंकोला क्षेत्र के श्यामसुंदरपुर (चनचनी) कोलियरी में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। करीब 70 वर्ष पुरानी कंक्रीट की विशाल पानी टंकी अचानक तेज धमाके के साथ भरभराकर गिर पड़ी। हादसा सुबह करीब साढ़े छह बजे हुआ, जिसमें ईसीएल के दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान संगीता देवी (50) और प्रभावती उरांव (50) के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गनीमत रही कि घटना के समय आसपास कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जनहानि टल गई। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ मिनट इधर-उधर होते तो यह हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था।

लगातार कई दिनों से हो रही बारिश के बीच जर्जर पानी टंकी के ढहने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी पानी टंकी से हजारों लोगों को पेयजल की आपूर्ति होती थी। टंकी गिरने के बाद अब पूरे इलाके में पेयजल संकट की आशंका भी गहरा गई है।

घटना के बाद कोलियरी के श्रमिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में कई पुराने और जर्जर आवासों को असुरक्षित बताकर गिरा दिया गया, लेकिन लगभग सात दशक पुरानी इस पानी टंकी की केवल औपचारिक मरम्मत कर उपयोग जारी रखा गया। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद स्थायी मरम्मत या नई जलटंकी बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

श्रमिक नेताओं ने कहा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रबंधन की घोर लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने का परिणाम है। उनका कहना है कि आज दो कर्मचारी घायल हुए हैं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जल्द से जल्द नई जलटंकी बनाकर सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

हादसे के बाद ईसीएल प्रबंधन ने पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक ईसीएल की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इस घटना के बाद कोलियरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर ढांचों की देखरेख को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।