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राेम, 20 मई । भारत और इटली ने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने के साथ ही व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, समुद्री अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी, शिक्षा और लाेगाें के बीच संबंधाें काे बढ़ावा देने तथा द्विपक्षीय व्यापार काे 20 अरब डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जोर्जिया मेलोनी के बीच प्रतिष्ठित विला डोरिया पैम्फिली में बुधवार को हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों देशाें ने परस्पर सहयाेग के 15 करार किये जिनमें व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, समुद्री अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी, शिक्षा और लाेगाें के बीच संबंधों काे प्रगाढ बनाने के उपायाें के समझाैते शामिल हैं। इसके अलावा दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं ने वार्ता के दौरान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की और साझा हित के वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई। एक महत्वपूर्ण निर्णय में, दोनों पक्षों ने भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच सहयोग को अधिक सार्थक बनाने के लिए दोनों देश अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने पर सहमत हुए हैं। आधुनिक तकनीक से जुड़े संयुक्त विकास सुविधाओं को बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक रोड मैप तैयार किया है। दोनों देश दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक के वित्त पोषण और कर अपराधों को रोकने के लिए परिवर्तन एजेंसियां सहयोग करेंगी। भारत और इटली 2027 को संस्कृति और पर्यटन के वर्ष के रूप में मनायेंगे। भारतीय नर्सों को इटली में रोजगार के अवसर प्रदान करने और हेल्थ केयर सहयोग को बढ़ाने पर दोनों देश सहमत हुए हैं।

इसके अलावा राष्ट्रीय मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स लोथल (गुजरात), उच्च शिक्षा और समुद्री ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के विकास, कृषि, समुद्री उत्पाद, आयुर्वेद तथा मौसम और जलवायु परिवर्तन को लेकर भी दोनों देशों के बीच में समझौता हुआ है। साथ ही एलेट्रा में सिंक्रोट्रोन विकिरण सुविधा में भारतीय शोधकर्ताओं को पहुंच प्राप्त होगी।

वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य भी दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मेलोनी के नेतृत्व में भारत-इटली संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029 दोनों देशों की साझेदारी को व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख ढांचा प्रदान करती है तथा इस पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इटली विश्वभर में डिजाइन और प्रिसीजन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि भारत बड़े पैमाने, प्रतिभा और किफायती नवाचार की ताकत के रूप में पहचाना जाता है।

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। भारत में कार्यरत 800 से अधिक इतालवी कंपनियां भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा औद्योगिक रोडमैप ने सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में नया मार्ग प्रशस्त किया है। दोनों देश मिलकर शिपिंग, बंदरगाह आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकॉनमी के क्षेत्रों में काम करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है। आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ दोनों देशों की साझा पहल ने दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा ही नहीं करते बल्कि उसके आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं।

वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भारत-इटली संबंधों को परिश्रम से जोड़ा और हिन्दी में कहा भी ‘परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।’ उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है और हम अपने रिश्तों को इसी तरह से बनाते हैं जहाँ कड़ी मेहनत ही सफलता का कारण बनती है।

मलोनी ने अपने वक्तव्य में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का उल्लेख किया जिसमें यूक्रेन संघर्ष, ईरान संकट और मुक्त एवं खुले हिन्द-प्रशांत का विषय शामिल रहा। उन्होंने कहा कि भारत-इटली मिलकर शांति और स्थिरता के लिए हमेशा अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि हमने 2027 के लिए इटली-भारत संस्कृति और पर्यटन वर्ष शुरू करने का निर्णय लिया है, जो हमारी सदियों पुरानी संस्कृतियों को संवाद विकसित करने और उन्हें अधिकाधिक रूप से जोड़ने का अनूठा अवसर है। उन्नत विनिर्माण, अवसंरचना, ऊर्जा, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, रक्षा- ये ऐसे सहयोग क्षेत्र हैं जिन पर हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं। महत्वपूर्ण खनिज, कृषि-उद्योग, समुद्री परिवहन, पर्यटन और संस्कृति भी महत्वपूर्ण अवसर हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-इटली की मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी की पुष्टि की और व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा की। उन्होंने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।