रांची, 20 मई । राजधानी रांची के पंडरा थाना क्षेत्र स्थित तेल मील गली में हुए चर्चित फायरिंग कांड में रांची पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपित सोनू यादव को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित कई महीनों से पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस के अनुसार बीते 19 जनवरी को पंडरा इलाके में 55 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया और आकाश सिंह तथा विकास सिंह पर गोली चला दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की थी।
फायरिंग की घटना के बाद से ही पुलिस मुख्य आरोपित सोनू यादव की तलाश में जुटी हुई थी। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि आरोपित राज्य से बाहर छिपकर रह रहा है।
इसी बीच रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली कि सोनू यादव पटना में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और बिहार में दबिश बढ़ाई।
सूचना के आधार पर रांची पुलिस ने बिहार के बिहटा इलाके में छापेमारी कर सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रांची लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में फायरिंग कांड से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा फरारी के दौरान उसे किसका सहयोग मिल रहा था।
पुलिस के मुताबिक सोनू यादव का नाम पहले भी कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। उसका नाम चर्चित कमल भूषण हत्याकांड और अकाउंटेंट संजय हत्याकांड से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यही वजह है कि पुलिस उसे लंबे समय से तलाश रही थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि सोनू यादव का आपराधिक नेटवर्क कई जिलों तक फैला हो सकता है। पुलिस अब उसके संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस आरोपित से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और फायरिंग कांड के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
