
-सूरत के सांसद की मांग पर केन्द्रीय मंत्री ने दिए निर्देश
सूरत, 3 अप्रैल । सूरत लोकसभा सीट से सांसद मुकेश दलाल ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से नई दिल्ली में 3 अप्रैल को मुलाकात कर सूरत के कपड़ा उद्योग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुकेश दलाल ने केन्द्रीय मंत्री से कहा कि सूरत को देश-दुनिया में टेक्सटाइल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सूरत में लगभग 7 लाख पावरलूम हैं जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। सूरत में प्रतिदिन 60 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन होता है। कपड़ा उद्योग में लगभग 13 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। इसके अलावा, कपड़ा उद्योग से जुड़े कई लघु और सूक्ष्म उद्योग भी हैं जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। सूरत का कपड़ा उद्योग अभी भी असंगठित क्षेत्र में आता है। सूरत में मैनुअल, स्वचालित, एयरजेट या वाटर बेस्ड सहित कुछ पावरलूम हैं, जिसका कोई डेटाबेस नहीं है। इसकी वजह है कि पावरलूम में रजिस्ट्रेशन की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला उद्योग केंद्र के पास भी इसकी कोई व्यवस्था नहीं है और भौतिक रूप से इसकी गणना करना भी संभव नहीं है।
सूरत के सांसद मुकेश दलाल ने केन्द्रीय मंत्री से मांग की कि कपड़ा मंत्रालय द्वारा एक ऐप विकसित किया जाना चाहिए और विभिन्न संगठन-संघों की मदद से सरकार द्वारा इन्हें पंजीकृत किया जाना चाहिए। ताकि एक सटीक डेटाबेस तैयार हो और जिसके माध्यम से सरकार के लिए उचित निर्णय लेना आसान हो। सांसद ने कहा कि वर्तमान में सूरत में बड़ी मात्रा में स्वचालित, एयर जेट, वॉटर जेट मशीनरी का आयात किया जाता है, जिसके लिए उद्योगपतियों को चीन, कोरिया, जापान, जर्मनी जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है और अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। इस प्रकार की मशीनरी देश में विशेष रूप से नहीं बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध करते हैं कि वे मेक इन इंडिया, मेक फॉर इंडिया पहल के तहत देश में इस प्रकार की मशीनरी बनाने के लिए एक उपयुक्त प्रोत्साहन नीति बनाएं।
सांसद की मांग पर केन्द्रीय कपड़ा मंत्री ने तुरंत अधिकारियों को देश के पावरलूम के पंजीकरण के लिए एक ऐप बनाने का निर्देश दिया। साथ ही देश में आधुनिक कपड़ा मशीनरी के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए नीति बनाने का आश्वासन दिया।