बैंकॉक में प्रधानमंत्री मोदी-थाई प्रधानमंत्री शिनावात्रा के बीच वार्ता

नई दिल्ली, 3 अप्रैल । भारत और थाईलैंड ने गुरुवार को बैंकॉक के गवर्नमेंट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और थाई प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के बीच वार्ता के बाद द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी, समुद्री विरासत, लघु व्यवसाय और सांस्कृतिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में कहा, “भारत-थाईलैंड हमारी दीर्घकालिक मित्रता में नई ऊर्जा और गतिशीलता जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बैंकॉक में गवर्नमेंट हाउस में थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ एक सार्थक बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की और भारत-थाईलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।”

प्रवक्ता ने समझौतों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों नेताओं की उपस्थिति में समझौता ज्ञापनों व एमओयू पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान हुआ।

प्रमुख समझौतों में भारत-थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी की स्थापना पर एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए गए। डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग के लिए थाईलैंड के डिजिटल अर्थव्यवस्था और समाज मंत्रालय तथा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन। गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास के लिए भारत के सागरमाला प्रभाग और थाईलैंड के ललित कला विभाग के बीच एक समझौता हुआ।

इसके अलावा एमएसएमई सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) और थाईलैंड के लघु और मध्यम उद्यम संवर्धन कार्यालय (ओएसएमईपी) के बीच एक समझौता हुआ। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) और थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के बीच एक सहयोग समझौता हुआ। सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों को मजबूत करने के लिए पूर्वोत्तर हस्तशिल्प और हथकरघा विकास निगम (एनईएचएचडीसी) और थाईलैंड की रचनात्मक अर्थव्यवस्था एजेंसी (सीईए) के बीच एक समझौता ज्ञापन शामिल हैं।