कोलकाता, 5 अप्रैल  । जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस वर्ष भी कैंपस में रामनवमी मनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में अब तक इस तरह के आयोजनों की कोई परंपरा नहीं रही है और मौजूदा हालात में, जब विश्वविद्यालय कुलपति विहीन है, कोई नई नीति बनाना संभव नहीं है।

छात्रों के एक समूह ने 28 मार्च को रामनवमी आयोजन के लिए लिखित में अनुमति मांगी थी, जिसके जवाब में विश्वविद्यालय ने उन्हें स्पष्ट रूप से मना कर दिया। पहले भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर न होने की शिकायत के बाद, शुक्रवार को अधिकारियों ने हस्ताक्षरित पत्र जारी कर दिया, जिसमें फिर से आयोजन की अनुमति न देने की बात कही गई।

हालांकि छात्रों के एक हिस्से ने चुनौतीपूर्ण रुख अपनाया है। उनका कहना है कि भले ही प्रशासन ने अनुमति न दी हो, वे रविवार सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय के गेट नंबर तीन के पास रामनवमी का आयोजन करेंगे। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय परिसर में अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, तो रामनवमी आयोजन पर रोक क्यों लगाई जा रही है।

इस मामले पर विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने अपनी स्थिति लिखित में स्पष्ट कर दी है और सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी सूचित किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी रामनवमी के आयोजन को लेकर जादवपुर विश्वविद्यालय में तनाव पैदा हुआ था। आरोप है कि उस समय पहले अनुमति दी गई थी लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस बार भी विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच जैसे संगठनों द्वारा क्षेत्र में रैलियां निकाले जाने की संभावना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।