
कोलकाता, 4 अप्रैल । शिक्षक भर्ती घोटाले में नौकरी जाने के बाद कर्ज चुकाने का दबाव इस कदर बढ़ा कि दक्षिण 24 परगना के कैनिंग की एक शिक्षिका ने आत्महत्या की कोशिश की। रूमा सिंह नामक इस शिक्षिका को गुरुवार रात गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रूमा सिंह रायबाघिनी हाई स्कूल में इतिहास की शिक्षिका थीं। 2016 की शिक्षक नियुक्ति सूची रद्द होने के कारण उनकी नौकरी चली गई। इसके बाद से उन्हें कर्जदारों के दबाव का सामना करना पड़ रहा था। गुरुवार दोपहर से ही कई कर्जदाता उनके घर पहुंचने लगे और पैसों की मांग करने लगे। जब उन्होंने थोड़ा समय मांगा, तो कथित तौर पर उन्हें अपशब्द कहे गए और बेइज्जत किया गया।
रूमा के परिवार का कहना है कि नौकरी जाने और इस दबाव को सहन न कर पाने के कारण उन्होंने रात में नींद की गोलियां खा लीं। उन्हें तुरंत कैनिंग महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
रूमा के मंगेतर अनिमेष जाना ने बताया कि उन्होंने निजी जरूरतों के लिए बैंक से लोन लिया था, साथ ही आसपास के कुछ लोगों से भी उधार लिया था। नौकरी जाने के बाद उन पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ गया। जब यह खबर फैली कि उनकी नौकरी जा चुकी है, तो कर्जदाताओं ने घर पहुंचकर गाली-गलौज की। इसी मानसिक तनाव में आकर उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की।
जानकारी के मुताबिक, रूमा ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उन कर्जदाताओं के नाम दर्ज थे, जिन्होंने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने इस घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षिका के परिवार से बातचीत की और जांच शुरू कर दी है।