कोलकाता, 14 अगस्त (। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल में डॉक्टर की हत्या और बलात्कार की वजह से पूरे देश में आक्रोश है। लेकिन एक बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है—सेमिनार हॉल का ताला किसने खोला ?

बीते गुरुवार शाम चार बजे तक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के सेमिनार हॉल में कक्षा आयोजित की गई थी। कक्षा समाप्त होने के बाद हॉल को बंद कर दिया गया था। लेकिन, अस्पताल के कर्मचारियों और अधिकारियों को अभी तक यह पता नहीं चला है कि उसके बाद ताला किसने खोला। यह सवाल अब पुलिस और सीबीआई की जांच के केंद्र में है।

नर्सिंग सुपरवाइजर का बयान

अस्पताल की नर्सिंग सुपरवाइजर, कृष्णा साहा ने कहा कि उस दिन रात को चार वार्डों में चार नर्सें ड्यूटी पर थीं। मुझे मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधियों ने बुलाया था और मैंने उन्हें जानकारी प्रदान की है। सेमिनार हॉल की चाबी एक निश्चित बॉक्स में रखी जाती है। यदि किसी चिकित्सक को ज़रूरत होती है, तो वे चाबी ले सकते हैं और काम खत्म होने के बाद उसे वापस रख देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उस रात चाबी किसने ली, यह वह नहीं जानतीं। उन्होंने कहा कि सेमिनार हॉल में रात में डॉक्टरों का आना-जाना सामान्य बात है, लेकिन चाबी लेने का अधिकार केवल डॉक्टरों को होता है। उस रात कौन चाबी लेकर गया, यह मैं नहीं बता सकती।

सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी की कमी

कृष्णा साहा ने यह भी बताया कि सेमिनार हॉल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। उन्होंने कहा कि लिफ्ट के पास, जहां से सभी लोग प्रवेश करते हैं, वहां सीसीटीवी कैमरा है, लेकिन सेमिनार हॉल काफी अंदर है और वहां कैमरा नहीं है। पहले कभी इसकी जरूरत महसूस नहीं हुई थी।

डॉक्टरों के बयानों में विरोधाभास

पाल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख, अरुणाभ दत्त चौधरी, ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें शुक्रवार सुबह 9:35 बजे मिली। उन्होंने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे और डॉक्टर का शव देखा, तो वे हिल गए थे। हालांकि, किसने ताला खोला था, इस पर उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा रहस्य सेमिनार हॉल का ताला है। पुलिस ने उस रात ड्यूटी पर तैनात चार नर्सों से पूछताछ की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है और सभी की निगाहें इस पर हैं कि वे इस रहस्य को सुलझा पाते हैं या नहीं।